Skip to main content

BalrampurChhattisgarhLocal

बारिश की हर बूंद अब लिखेगी अमड़ीपारा की नई पहचान, जहां बह जाता था पानी, अब वहीं बनेगा भविष्य का जल भंडार।

वीबीजी राम जी योजना के तहत 400 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण, 23 परिवारों को मिला रोजगार।

बलरामपुर…

जिले के ग्राम पंचायत अमड़ीपारा में जल संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल आकार ले रही है। विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबीजी राम जी) के तहत बंजर पहाड़ी पर 400 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण कराया जा रहा है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल को रोककर धरती में समाहित करने की योजना है, जिससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र की जल उपलब्धता, हरियाली और कृषि व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकेगा।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण कर भू-जल स्तर को बढ़ाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ जल प्रबंधन की व्यवस्था विकसित करना है।

अमड़ीपारा की पहाड़ी पर बनाए जा रहे 400 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच वर्षा के पानी के तेज बहाव को रोककर उसे धीरे-धीरे जमीन में समाहित करेंगे। इससे मिट्टी का कटाव कम होगा, भू-जल का पुनर्भरण होगा तथा पहाड़ी क्षेत्र में नमी लंबे समय तक बनी रहेगी। इसके साथ ही आसपास के खेतों, कुओं और अन्य जलस्रोतों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी जल संरक्षण संरचनाएं भविष्य में क्षेत्र को सूखे की स्थिति से निपटने में भी सहायक सिद्ध होती हैं।

अब तक जो वर्षा जल पहाड़ियों से बहकर व्यर्थ चला जाता था, वही पानी इन ट्रेंचों के माध्यम से धरती की प्यास बुझाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। प्रशासन का मानना है कि यह पहल भविष्य में अमड़ीपारा को जल संरक्षण के सफल मॉडल के रूप में स्थापित कर सकती है।

यह योजना केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका को भी मजबूती दे रही है। ट्रेंच निर्माण कार्य में स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता देते हुए 23 मजदूर परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ पलायन की आवश्यकता भी कम हुई है। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण अभियान को नई गति मिली है।

प्रशासन का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन के उद्देश्य को सार्थक कर रही है। आने वाले समय में इन प्रयासों से अमड़ीपारा न केवल जल संरक्षण का उदाहरण बनेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में भी नई पहचान स्थापित करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *