हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत के बाद फूटा आक्रोश, पोड़ी मोड़ पर सैकड़ों ग्रामीणों ने किया चक्काजाम।
मुआवजे और हाथियों से सुरक्षा की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण, प्रशासन और वन विभाग के सामने उठे कई सवाल।
सूरजपुर…
वन परिक्षेत्र प्रतापपुर के सिंगरा जंगल के पास बुधवार शाम नर हाथी के हमले में ग्रामीण रामलाल की मौत के बाद गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। मृतक के परिवार को मुआवजा और क्षेत्र में हाथियों से सुरक्षा की ठोस व्यवस्था की मांग को लेकर पौड़ी मोड़ पर सैकड़ों ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के चलते मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा और पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

जानकारी के अनुसार, रामलाल बुधवार शाम अपने साथी के साथ खाद लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान सिंगरा जंगल के पास नर हाथी ने उस पर हमला कर दिया। हाथी के हमले में रामलाल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से आसपास के ग्रामीणों में दहशत के साथ आक्रोश भी व्याप्त था।
गुरुवार को ग्रामीणों ने पौड़ी मोड़ पर एकजुट होकर चक्काजाम किया। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद मृतक के परिवार को तत्काल राहत और मुआवजा दिलाने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को शीघ्र आर्थिक सहायता देने के साथ ही हाथियों की लगातार आवाजाही वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी की समय पर सूचना देने, निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए प्रभावी एवं स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना। अधिकारियों ने स्थिति को शांत कराने तथा ग्रामीणों की मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाने का प्रयास किया।
रामलाल की मौत के अगले ही दिन सड़क पर उतरे ग्रामीणों के आक्रोश ने मानव-हाथी संघर्ष को लेकर प्रशासन और वन विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि मृतक परिवार को मुआवजा और क्षेत्रवासियों को हाथियों से सुरक्षा दिलाने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।