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बसंतपुर में 20 नग साल चिरान से लदी पिकअप जब्त, मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की कार्रवाई, चालक वाहन छोड़कर फरार; वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में एक सप्ताह में पांचवीं कार्रवाई।

बलरामपुर…..

जिले में अवैध लकड़ी के परिवहन और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में 26 अगस्त को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र की टीम ने बसंतपुर के डुभापारा में कार्रवाई करते हुए साल चिरान से लदी एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। वाहन से साल प्रजाति के 20 नग चिरान बरामद किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन में अवैध रूप से साल की चिरान लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर वन अमले की टीम ने तत्काल बसंतपुर क्षेत्र में पहुंचकर संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया। वन विभाग की टीम को देखते ही चालक वाहन लेकर भागने लगा। पीछा करने के बाद वन अमले ने वाहन को रोक लिया, लेकिन चालक पिकअप छोड़कर मौके से फरार हो गया।

इसके बाद वनकर्मियों ने वाहन की तलाशी ली, जिसमें साल प्रजाति के 20 नग चिरान बरामद हुए। वन विभाग ने पिकअप वाहन और बरामद लकड़ी को जब्त कर लिया है।

लकड़ी के स्रोत और तस्करी नेटवर्क की जांच

वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद साल चिरान कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर ले जाया जा रहा था। फरार चालक की पहचान और तलाश की जा रही है। साथ ही वाहन के दस्तावेजों तथा लकड़ी के परिवहन से संबंधित जानकारी भी खंगाली जा रही है। विभाग ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।

एक सप्ताह में पांचवीं कार्रवाई

अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ यह कार्रवाई डीएफओ बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेई के निर्देशन, एसडीओ प्रेमचंद मिश्रा के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी रामनारायण राम के नेतृत्व में की गई। वन विभाग के अनुसार, वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में पिछले एक सप्ताह के भीतर अवैध लकड़ी परिवहन और तस्करी के खिलाफ पांच कार्रवाई की जा चुकी हैं।

लगातार कार्रवाई से लकड़ी के अवैध कारोबार में शामिल लोगों में हड़कंप की स्थिति है। वन विभाग ने जंगलों से अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया है। ताजा कार्रवाई के बाद अब विभाग की जांच इस बात पर केंद्रित है कि 20 नग साल चिरान कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

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