वन भूमि पर कब्जे की कोशिश नाकाम, ट्रैक्टर-कल्टीवेटर जब्त।
राजपुर वन परिक्षेत्र में करीब एक हेक्टेयर वन भूमि पर हो रही थी अवैध जोत-कोड़, वन विभाग की कार्रवाई।
राजपुर/बलरामपुर।
वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण की कोशिश को वन विभाग ने मौके पर ही नाकाम करते हुए एक ट्रैक्टर और कल्टीवेटर जब्त किया है। राजपुर वन परिक्षेत्र के बीट लाऊ में करीब एक हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध रूप से जोत-कोड़ कर कब्जे की तैयारी की जा रही थी। वनमंडलाधिकारी बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेई के निर्देशन में विभागीय टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से कृषि कार्य में प्रयुक्त मशीनरी जब्त कर ली।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को वन परिक्षेत्र राजपुर अंतर्गत वनकक्ष क्रमांक पी-2844, बीट लाऊ में वन भ्रमण के दौरान शाम करीब 4 बजे वन भूमि पर अवैध रूप से जोत-कोड़ किए जाने का मामला सामने आया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक हेक्टेयर क्षेत्र में चल रही जोत-कोड़ की कार्रवाई को रुकवाया।
*मौके से ट्रैक्टर और कल्टीवेटर जब्त*
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने मौके से जॉन डियर ट्रैक्टर मॉडल 5105 तथा एक कल्टीवेटर जब्त किया। विभाग के अनुसार, जब्त ट्रैक्टर की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये, जबकि कल्टीवेटर की कीमत करीब 7 हजार रुपये है।
मामले में वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण दर्ज करते हुए भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
*अतिक्रमण से जुड़े लोगों से पूछताछ, जांच जारी*
वन विभाग द्वारा प्रकरण में संलिप्त व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही वन भूमि पर किए जा रहे अतिक्रमण की पूरी स्थिति, इसमें शामिल लोगों तथा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत जांच की जा रही है।
कार्रवाई में वन परिक्षेत्राधिकारी राजपुर अजय वर्मा, उप वनक्षेत्रपाल एवं परिक्षेत्र सहायक अमृत प्रताप सिंह, वनपाल श्रीमती रजिंता मिंज, वनपाल राजकुमार सिंह, वनरक्षक पुनीत कुमार सिंह, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, संजीव कुमार सिंह, धनंजय सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
*अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी : DFO*
वनमंडलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेई ने कहा कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा, जोत-कोड़ अथवा अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।