मवेशी तस्करी के संगठित नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, पांच और आरोपी गिरफ्तार।
रघुनाथनगर पुलिस की कार्रवाई, लोकल सप्लायर से पूछताछ में सामने आए आरोपियों के नाम; 34 भैंस-भैंसा पहले ही किए जा चुके हैं जब्त।
वाड्रफनगर/ बलरामपुर….
जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रघुनाथनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित पशु तस्करी नेटवर्क से जुड़े पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में स्थानीय स्तर पर मवेशियों की खरीद-बिक्री और सप्लाई करने वाले एजेंटों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश तक मवेशियों के परिवहन में शामिल आरोपी भी हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर 34 भैंस और भैंसा जब्त कर चुकी है। वहीं, 8 अक्टूबर को कथित मास्टरमाइंड और स्थानीय सप्लायर जितेंद्र जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पांच अन्य आरोपियों के नाम सामने आए थे।
*मुखबिर की सूचना पर हुई थी पहली कार्रवाई*
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को रघुनाथनगर पुलिस की टीम क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग केसारी गांव से मवेशियों को अवैध रूप से पैदल उत्तर प्रदेश की ओर ले जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने केसारी गांव में घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने दीपक सोनवानी निवासी केसारी को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 34 भैंस और भैंसा जब्त किए गए, जबकि अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए थे।
*मास्टरमाइंड से पूछताछ में खुला नेटवर्क*
पुलिस के मुताबिक, मामले में 8 अक्टूबर 2026 को जितेंद्र जायसवाल को गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ के दौरान पशु तस्करी नेटवर्क से जुड़े पांच अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में रघुनाथनगर पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर रमजान अंसारी, जैनुल अंसारी, एनुल्लाह अंसारी, ईसराज अहमद और तस्लिम को गिरफ्तार किया।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग स्तर पर काम करते थे। कुछ आरोपी आसपास के गांवों से कम कीमत पर मवेशियों की खरीद और सप्लाई करते थे, जबकि कुछ मवेशियों को पैदल अंतरराज्यीय सीमा तक पहुंचाने और उत्तर प्रदेश में पिकअप के माध्यम से आगे भेजने की भूमिका निभाते थे।
*किसी की भूमिका स्थानीय एजेंट, तो कोई परिवहनकर्ता*
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एनुल्लाह अंसारी जिला गढ़वा (झारखंड) वर्तमान निवास पहिया, जिला सूरजपुर, स्थानीय एजेंट और पशु सप्लायर के रूप में काम करता था। उस पर बलरामपुर, सूरजपुर और सरगुजा के विभिन्न गांवों से मवेशियों की खरीद कर उन्हें अंतरराज्यीय सीमा पार पहुंचाने में भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ पहले भी चलगली थाने में पशु संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।
वहीं, जैनुल अंसारी और रमजान अंसारी, दोनों निवासी सूरजपुर जिले के चंदौरा थाना क्षेत्र, कथित तौर पर स्थानीय स्तर पर मवेशियों की खरीद-बिक्री में मध्यस्थता करते थे। पुलिस के अनुसार, वे कमीशन लेकर तस्करों के लिए मवेशियों की व्यवस्था करने और उन्हें पैदल सीमा तक पहुंचाने का काम करते थे।
इसी तरह, ईसराज अहमद और तस्लिम, दोनों निवासी बभनी जिला सोनभद्र (उत्तर प्रदेश), पर केसारी से सटे जंगल के रास्ते मवेशियों को उत्तर प्रदेश ले जाकर पिकअप वाहन में लोड करने और नेटवर्क के अन्य एजेंटों तक पहुंचाने का आरोप है।
*इन धाराओं के तहत दर्ज है मामला*
रघुनाथनगर थाने में धारा 111(2), छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(घ) के तहत मामला दर्ज है।
पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले में पशु तस्करी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है तथा पशु तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।