संसाधनों की कमी नहीं रोक सकी हौसलों की उड़ान, किसान पुत्र रमन ने सेल्फ स्टडी से नीट में पाई सफलता।
बलरामपुर…
दूरस्थ आदिवासी अंचल के एक साधारण किसान परिवार के बेटे रमन कुमार ने बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी के दम पर वर्ष 2026 की नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम उदरसई निवासी रमन की इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट में सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
रमन ने कक्षा 6वीं से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कुसमी में अध्ययन किया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होने के बावजूद उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और आत्मविश्वास के बल पर बिना किसी कोचिंग के नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि जिले के दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सही मार्गदर्शन, अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर युवा बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने रमन की सफलता को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए आगे भी इसी समर्पण के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
रमन के पिता राजेश कुमार ने बताया कि उनके गांव का यह पहला छात्र है जिसने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है। बेटे की सफलता से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय रमन की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया।
सम्मान समारोह के दौरान रमन ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता के लिए महंगी कोचिंग नहीं, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य, सही रणनीति, नियमित अध्ययन और स्वयं पर विश्वास सबसे अधिक जरूरी है। उन्होंने युवाओं से कठिन परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाकर पूरे समर्पण के साथ अपने सपनों को पूरा करने का संदेश दिया।