एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें, कुष्ठ रोग स्क्रीनिंग में लाएं तेजी : सीएमएचओ।
मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश।
बलरामपुर…
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने एवं आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. विजय कुमार सिंह ने वाड्रफनगर विकासखंड अस्पताल के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संचारी रोग नियंत्रण तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान सीएमएचओ ने लेप्रोसी केस डिटेक्शन कैंपेन (एलसीडीसी) के तहत चल रहे कुष्ठ रोग स्क्रीनिंग अभियान की प्रगति पर असंतोष जताते हुए बलंगी, कोगवार, पंडरी और मुरकोल क्षेत्रों में अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी आठ दिनों के भीतर पूरे विकासखंड में स्क्रीनिंग अभियान पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, प्रथम तिमाही में अनिवार्य पंजीयन तथा सभी आवश्यक एएनसी जांच समय पर कराने पर विशेष जोर दिया। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश भी दिए।
मौसमी बीमारियों की समीक्षा करते हुए डॉ. सिंह ने मलेरिया, डेंगू, डायरिया सहित अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए सतर्क रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि बुखार से पीड़ित प्रत्येक मरीज की मलेरिया जांच अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही विद्यालयों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने और प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान पात्र हितग्राहियों के अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने पर जोर दिया गया, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर निःशुल्क उपचार मिल सके। इसके अलावा जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा एवं डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा के प्रभावी संचालन के लिए गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाने, परिवार नियोजन, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने की आदत, ओआरएस एवं जिंक के उपयोग तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के संबंध में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड के चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, बीईटीओ, कार्यक्रम प्रबंधक, सुपरवाइजर तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।