तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से आरक्षक रामगोपाल की मौत।
रात्रि गश्त के बाद विभागीय कार्य से प्रतापपुर गए थे, लौटते समय हुआ हादसा; पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए पीछे।
बलरामपुर….
चंदौरा थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में वाड्रफनगर पुलिस चौकी में पदस्थ आरक्षक रामगोपाल की मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से आरक्षक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के मुताबिक, आरक्षक रामगोपाल ने देर रात रात्रि गश्त की ड्यूटी की थी। सुबह करीब 5 बजे टीम के साथ वाड्रफनगर चौकी लौटने के बाद वह अपने कमरे की ओर गए। इसके बाद विभागीय कार्य के सिलसिले में प्रतापपुर की ओर गए थे। काम पूरा कर वापस वाड्रफनगर लौटते समय चंदौरा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
*मिलनसार और जिम्मेदार पुलिसकर्मी के रूप में थी पहचान*
आरक्षक रामगोपाल अपने मिलनसार और सहयोगी स्वभाव के कारण पुलिस स्टाफ के बीच काफी लोकप्रिय थे। सहकर्मियों के मुताबिक, उन्हें जब भी कोई जिम्मेदारी सौंपी जाती थी, वे उसे समय पर पूरा करने का प्रयास करते थे। ड्यूटी के प्रति उनकी निष्ठा और जिम्मेदारी के चलते उन्होंने अधिकारियों और सहकर्मियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई थी।
*पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए पीछे*
रामगोपाल के असमय निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए वह एक महत्वपूर्ण सहारा थे। सड़क हादसे में अचानक हुई उनकी मौत से परिजनों के साथ-साथ पूरा पुलिस महकमा गहरे सदमे में है।
सहकर्मियों ने आरक्षक रामगोपाल के निधन को पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनके अचानक चले जाने से वाड्रफनगर पुलिस चौकी का माहौल भी गमगीन है।