महाराजगंज स्कूल में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, शिक्षिका बनकर बच्चों को पढ़ाया।
ब्लैकबोर्ड पर लिखा ‘मैंगिफेरा इंडिका’, ग्लोब से समझाया भूगोल; विद्यार्थियों को टॉपर बनने और डॉक्टर, इंजीनियर व आईएएस बनने के लिए किया प्रेरित।
बलरामपुर…..
बलरामपुर जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने मंगलवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महाराजगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का जायजा लिया और पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछकर उनके ज्ञान का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर शिक्षिका की भूमिका में भी नजर आईं। उन्होंने विद्यार्थियों को रोचक तरीके से पढ़ाई के गुर सिखाते हुए मेहनत और नियमित अभ्यास का महत्व बताया।

कलेक्टर ने कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं वाणिज्य, 11वीं कला तथा 11वीं जीवविज्ञान की कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम के संबंध में चर्चा की। कक्षा 11वीं जीवविज्ञान में उन्होंने स्वयं चॉक उठाकर ब्लैकबोर्ड पर ‘मैंगिफेरा इंडिका’ लिखा और विद्यार्थियों से पूछा कि यह किस फल का वानस्पतिक नाम है। विद्यार्थियों ने तत्परता से इसका सही उत्तर देते हुए आम का नाम बताया। बच्चों की जानकारी और तत्परता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। नियमित अध्ययन और अभ्यास से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।
*ग्लोब के जरिए समझाया देशों का भूगोल*
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा 11वीं कला के विद्यार्थियों को भूगोल की जानकारी देने के लिए ग्लोब का सहारा लिया। उन्होंने ग्लोब के माध्यम से विभिन्न देशों की भौगोलिक स्थिति को व्यावहारिक रूप से समझाया। इस गतिविधि से विद्यार्थियों को विषय को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला। कलेक्टर ने शिक्षकों को भी पढ़ाई को सरल, रोचक और प्रभावी बनाने के लिए व्यावहारिक शिक्षण विधियों को अपनाने पर जोर दिया।

*टॉपर बनें, डॉक्टर-इंजीनियर और आईएएस बनकर रोशन करें जिले का नाम*
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करें तथा कक्षा में बेहतर प्रदर्शन करते हुए टॉपर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर और आईएएस अधिकारी बनकर अपने परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास, प्रश्नपत्रों के पैटर्न के अनुरूप तैयारी और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए पढ़ाए गए पाठों का नियमित पुनरावलोकन करना और प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करना आवश्यक है।
*बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षकों को दिए निर्देश*
विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर ने प्राचार्य को नियमित रूप से कक्षाओं की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गृहकार्य देने के साथ प्रतिदिन कक्षा में भी अभ्यास कार्य कराया जाए, ताकि उनकी समझ विकसित हो और विषयों पर पकड़ मजबूत हो सके।
कलेक्टर ने पढ़ाए जा चुके पाठ्यक्रम का नियमित पुनरावलोकन कराने तथा बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों से पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल कराने के निर्देश दिए। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा के स्वरूप को समझने और समय के भीतर प्रश्नपत्र हल करने का अभ्यास मिलेगा। उन्होंने विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रायोगिक कार्य कराने पर भी जोर दिया।
कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि विद्यार्थियों को विषयों की बेहतर समझ प्रदान करने के लिए प्रभावी शिक्षण पद्धतियां अपनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का समर्पण और विद्यार्थियों की मेहनत ही बेहतर परीक्षा परिणाम की नींव है।