कलेक्टर बनीं बच्चों की शिक्षिका, कक्षा में पढ़ाया पाठ और पूछा पहाड़ा। अध्यायवार प्रश्नोत्तरी और नियमित मूल्यांकन के दिए निर्देश, छात्रावास की व्यवस्थाओं का भी किया निरीक्षण।
बलरामपुर…
जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने बुधवार को विकासखंड बलरामपुर के प्राथमिक शाला कोठीखाड़, तलैयापारा तथा विकासखंड वाड्रफनगर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़कागांव एवं प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास इंजानी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर बच्चों के बीच शिक्षिका की भूमिका में नजर आईं। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ पढ़वाया, पहाड़े सुने, विषय आधारित प्रश्न पूछकर उनकी समझ का आकलन किया और अभ्यास भी कराया।

प्राथमिक शाला कोठीखाड़ में उन्होंने बच्चों से पाठ और पहाड़ा सुनवाया तथा शिक्षकों से कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास भी विकसित किया जाए। तलैयापारा विद्यालय में विद्यार्थियों से गणवेश और पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता की जानकारी ली तथा सुंदर लेखन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही मध्यान्ह भोजन, स्वच्छता और भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करने पर जोर दिया।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़कागांव में कलेक्टर ने कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े प्रश्न पूछे। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक अध्याय के बाद प्रश्नोत्तरी कर विद्यार्थियों का नियमित मूल्यांकन करें, जिससे उनकी विषयगत समझ मजबूत हो सके।

छात्रावास में सुरक्षा और सुविधाओं की जांच
कलेक्टर ने प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास इंजानी का निरीक्षण कर स्वच्छता, पेयजल, बिजली, भोजन, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें बड़े सपने देखने और मेहनत से उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित किया। छात्रावास में एक विद्यार्थी द्वारा तैयार किए गए आकर्षक होल्डर की सराहना करते हुए उन्होंने रचनात्मक गतिविधियों को व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
निरीक्षण के दौरान शयन कक्षों की खिड़कियों में जाली नहीं होने पर तत्काल जाली लगाने के निर्देश दिए तथा कमरों को अधिक व्यवस्थित रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।