समझाइश के बाद भी नहीं माने युवक, पुलिस ने हिरासत में लेकर कराया मेडिकल।
बस स्टैंड में शराब के नशे में हंगामे का आरोप, एक युवक पर नशे में वाहन चलाने की भी कार्रवाई।
वाड्रफनगर/ बलरामपुर…..
सार्वजनिक बस स्टैंड में शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, समझाइश के बावजूद दोनों युवक नहीं माने, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर ब्रीथ एनालाइजर से जांच कराई गई और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया। बाद में दोनों जमानत पर बाहर आ गए।
पुलिस के मुताबिक, घटना वाड्रफनगर बस स्टैंड की है। सूचना मिलने पर सहायक उप निरीक्षक रामजीत राम के नेतृत्व में पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। वहां बरतीखुर्द निवासी विक्रमादित्य दुबे और विष्णु पटेल शराब के नशे में हंगामा करते मिले। पुलिस का कहना है कि दोनों को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन वे कथित तौर पर हंगामा करते रहे। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप है।
*ब्रीथ एनालाइजर से जांच के बाद मेडिकल*
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लिया। मौके पर ब्रीथ एनालाइजर से जांच करने के बाद दोनों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 170/126, 135(3) बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया।
वहीं, विक्रमादित्य दुबे के खिलाफ शराब के नशे में मोटरसाइकिल चलाने के आरोप में मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत अलग से कार्रवाई की गई।
*कार्रवाई के बाद पुलिस और पत्रकारों पर लगाए आरोप*
पुलिस कार्रवाई के बाद दोनों युवकों के जमानत पर बाहर आने के पश्चात पुलिस कार्रवाई और पत्रकारों को लेकर कुछ आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
किसी भी पत्रकार के संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित तथ्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए। वहीं पुलिस कार्रवाई की वैधानिकता का निर्धारण संबंधित दस्तावेजों, कार्रवाई की प्रक्रिया और न्यायिक स्तर पर होता है।
*पुराने विवाद का भी किया जा रहा दावा*
पुलिस से जुड़े सूत्रों के हवाले से विक्रमादित्य दुबे के पूर्व में भी विवादों में रहने तथा न्यायालय परिसर में पुलिसकर्मियों से कथित अभद्रता करने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
फिलहाल मामले में पुलिस द्वारा दोनों युवकों को हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराने, न्यायालय में पेश करने तथा विक्रमादित्य दुबे के खिलाफ धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अलग कार्रवाई किए जाने की पुष्टि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार की गई है।