सेमरसोत अभ्यारण्य में बार्किंग डियर के शिकार का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार, मृत वन्यजीव बरामद।
बलरामपुर…
जिले के सेमरसोत अभ्यारण्य में संरक्षित वन्यजीव बार्किंग डियर (कोटरी) के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग ने मुखबीर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बार्किंग डियर का मृत शव बरामद किया गया। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
वन विभाग के अनुसार 5 अगस्त को अभ्यारण्य क्षेत्र में वन्यजीव शिकार की सूचना मिलने पर टीम ने संबंधित क्षेत्र में घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान चंदन पिता राजमल, निवासी ग्राम परती तथा सुराजलाल पिता सत्ता, निवासी ग्राम खटवाबरदर को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से बार्किंग डियर (कोटरी) का मृत शव बरामद हुआ।
प्रारंभिक जांच में संरक्षित वन्यजीव के अवैध शिकार की पुष्टि होने पर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वन विभाग अब मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। शिकार में प्रयुक्त साधनों के साथ-साथ अन्य संभावित आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा, अम्बिकापुर श्रीनिवास तेनेटी (भा.वा.से.) के निर्देशन, अधीक्षक सेमरसोत बी.एस. भगत के मार्गदर्शन तथा रेंजर जगत राम मरावी के नेतृत्व में की गई। अभियान में गेम रेंज बलरामपुर का वन अमला भी शामिल रहा। वन विभाग ने आम नागरिकों से वन्यजीव संरक्षण में सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वन्यजीवों के शिकार अथवा किसी भी वन अपराध की सूचना तत्काल निकटतम वन कार्यालय को दें। विभाग ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।