शिक्षक के निलंबन के विरोध में सड़क पर उतरे स्कूली बच्चे, “मनोज सर को वापस लाओ” के लगाए नारे।
भरुहीबास प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में शिक्षकों के विवाद का असर, पढ़ाई और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था प्रभावित।
वाड्रफनगर/ बलरामपुर…..
वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम भरुहीबास स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में शिक्षकों के बीच चल रहे विवाद का सीधा असर अब स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने लगा है। निलंबित शिक्षक मनोज गुप्ता की बहाली और दो शिक्षिकाओं को स्कूल से हटाने की मांग को लेकर गुरुवार को स्कूल के छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर आए। बच्चों ने गांव की कच्ची सड़क पर रैली निकालकर जमकर नारेबाजी की और बाद में सड़क पर बैठकर धरना दिया।
बच्चों के हाथों में कोई तख्ती या बैनर नहीं था, लेकिन वे लगातार “मनोज सर को वापस लाओ” के नारे लगाते हुए गांव में घूमते रहे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस प्रदर्शन में शामिल हो गए। बच्चों के इस आंदोलन से गांव में शिक्षकों के बीच चल रहे विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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*शिक्षक के निलंबन के बाद बिगड़ी स्कूल की व्यवस्था*
ग्रामीणों और बच्चों के अनुसार, दो शिक्षिकाओं की शिकायत के आधार पर शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक मनोज गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मनोज गुप्ता बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाते थे और उनके पढ़ाने के तरीके से विद्यार्थी काफी प्रभावित थे। शिक्षक के निलंबन के बाद स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने लगी है।
बच्चों का कहना है कि वे अपने शिक्षक की वापसी चाहते हैं। इसी मांग को लेकर पहले उन्होंने गांव में घूम-घूमकर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और बाद में सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
*पढ़ाई के साथ मिड-डे मील भी प्रभावित*
आंदोलन के कारण स्कूल में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था भी बाधित है। इससे सबसे अधिक परेशानी प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चों को हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों के विवाद का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि विवाद का जल्द समाधान कर विद्यालय में सामान्य शैक्षणिक माहौल बहाल किया जाना चाहिए।
*ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर उठाए सवाल*
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि शिक्षक मनोज गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जानी चाहिए थी। ग्रामीणों का दावा है कि शिक्षक बच्चों के बीच लोकप्रिय थे और उनकी अनुपस्थिति से पढ़ाई का स्तर प्रभावित हुआ है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि शिक्षकों के बीच किसी प्रकार का विवाद है तो विभाग को दोनों पक्षों की बात सुनकर तथ्यात्मक जांच करनी चाहिए तथा बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए समाधान निकालना चाहिए।
*बीईओ, डीईओ और कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग*
बच्चों और ग्रामीणों ने वाड्रफनगर के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बलरामपुर तथा कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने निलंबित शिक्षक मनोज गुप्ता को तत्काल बहाल करने तथा स्कूल में पदस्थ दो शिक्षिकाओं को हटाने की मांग रखी है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी शिक्षक के खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई कराना नहीं, बल्कि विद्यालय में पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाना है। उन्होंने विभाग से जल्द हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान करने की मांग की है।
*मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी*
बच्चों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शिक्षा विभाग द्वारा जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित होना बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर विषय है, इसलिए विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित कदम उठाना चाहिए।