वाड्रफनगर में गूंजा स्वर्वेद का आध्यात्मिक संदेश, सेवा और समर्पण का लिया संकल्प।
संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज के पावन सान्निध्य में हुआ आध्यात्मिक सत्संग, श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य शोभायात्रा।
वाड्रफनगर, बलरामपुर।
राष्ट्रव्यापी स्वर्वेद संदेश यात्रा का छत्तीसगढ़ प्रवास वाड्रफनगर में आध्यात्मिक उत्साह, श्रद्धा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। सुपूज्य संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज के पावन शुभागमन पर विहंगम योग संत समाज एवं श्रद्धालुओं ने भव्य शोभायात्रा निकालकर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान नगर का वातावरण स्वर्वेद के आध्यात्मिक संदेश, भक्ति और साधना से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम स्थल पर संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज के मंच पर आगमन के पश्चात दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इसके बाद आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, शिष्य, सेवाभावी कार्यकर्ता एवं नव-जिज्ञासु शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, भक्ति, अनुशासन और सेवा-समर्पण की भावना देखने को मिली।
*समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव के लिए लिया संकल्प*
स्वर्वेद संदेश यात्रा के वाड्रफनगर पड़ाव के दौरान श्रद्धालुओं ने आगामी समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सेवा करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर नव-जिज्ञासुओं को आध्यात्मिक ज्ञान, साधना और सद्गुरु के संदेश से जोड़ने का दृढ़ निश्चय किया गया।

संत समाज की ओर से कहा गया कि आध्यात्मिक जागरण केवल व्यक्तिगत साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में सदाचार, सेवा, आत्मअनुशासन और सकारात्मक चेतना का विस्तार किया जा सकता है। इसी उद्देश्य को लेकर स्वर्वेद संदेश यात्रा देश के विभिन्न क्षेत्रों में आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचा रही है।
*पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा को भेंट की गई ‘स्वर्वेद’*
आध्यात्मिक सत्संग के दौरान पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा को महर्षि सदाफलदेव जी महाराज द्वारा रचित आध्यात्मिक ग्रंथ ‘स्वर्वेद’ की प्रति संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज द्वारा भेंट की गई। इस अवसर पर स्वर्वेद के आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

स्वर्वेद को आत्मज्ञान, साधना, सदाचार और आध्यात्मिक जागरण की दिशा में प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण आध्यात्मिक ग्रंथ बताया गया। संत प्रवर के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने साधना, आत्मचिंतन और मानव जीवन के उच्च उद्देश्यों की ओर आगे बढ़ने का संदेश ग्रहण किया।
*श्रद्धालुओं में दिखा खासा उत्साह*
वाड्रफनगर में स्वर्वेद संदेश यात्रा के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ संत प्रवर का स्वागत किया। कार्यक्रम में विहंगम योग संत समाज से जुड़े भक्तों एवं शिष्यों के साथ बड़ी संख्या में नव-जिज्ञासुओं ने भी सहभागिता की।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष प्ररंजय मिश्रा, युवा मोर्चा अध्यक्ष आकाशदीप पटेल, अशोक यादव, नवनीत सिंह, गोपीशरण कुशवाहा सहित विहंगम योग संत समाज के अनेक भक्त, शिष्य एवं नव-जिज्ञासु उपस्थित रहे।
*कन्याकुमारी से कश्मीर तक आध्यात्मिक चेतना का संदेश*
कन्याकुमारी से कश्मीर तक बढ़ रही स्वर्वेद संदेश यात्रा को केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने वाली यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सेवा, समर्पण और आत्मजागरण का व्यापक अभियान बताया जा रहा है। यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर लोगों को भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति, सदाचार, साधना और आत्मज्ञान से जुड़ने का संदेश दिया जा रहा है।
वाड्रफनगर में सम्पन्न यह आयोजन भी इसी आध्यात्मिक अभियान का महत्वपूर्ण पड़ाव बना। यहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सेवा, साधना और समर्पण की भावना के साथ समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव को सफल बनाने तथा आध्यात्मिक संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस आयोजन ने वाड्रफनगर में सेवा, साधना और आत्मजागरण की नई प्रेरणा का संचार किया।