वाड्रफनगर में नवरंग डांडिया की धूम, हजारों की भीड़ ने बिखेरे उत्सव के रंग।
महिलाओं के लिए निःशुल्क प्रवेश बना आकर्षण, हर घंटे चार लकी ड्रॉ से बांटे गए उपहार; समापन पर 10 बंपर पुरस्कारों का वितरण।
वाड्रफनगर/बलरामपुर।
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर वाड्रफनगर के चन्दौरीपारा में आयोजित नवरंग डांडिया में आस्था, संस्कृति और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिला। युवा सेवा समिति चन्दौरीपारा के तत्वावधान में नव युवक दुर्गा पूजा समिति द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों से पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया।
संगीत की मधुर धुनों और डांडिया की थाप पर प्रतिभागी देर तक झूमते रहे। माता रानी की भक्ति के साथ गुजरात की पारंपरिक डांडिया संस्कृति की झलक ने आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ और लोगों का उत्साह आयोजन की लोकप्रियता को बयां कर रहा था।
*महिलाओं को निःशुल्क प्रवेश, दिखा खास उत्साह*
नवरंग डांडिया की खास पहल महिलाओं के लिए निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था रही। इसका उद्देश्य महिलाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना था। इस पहल से बड़ी संख्या में महिलाएं आयोजन में शामिल हुईं। बच्चों और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
*हर घंटे चार लकी ड्रॉ, उपहार पाकर खिले चेहरे*
कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ रोमांच का तड़का लगाने के लिए आयोजक समिति ने प्रत्येक घंटे चार लकी ड्रॉ निकाले। विजेताओं को आकर्षक उपहार प्रदान किए गए। जैसे-जैसे विजेताओं के नामों की घोषणा होती, आयोजन स्थल पर उत्सुकता और खुशी का माहौल बन जाता। लकी ड्रॉ की इस विशेष व्यवस्था ने प्रतिभागियों के उत्साह को और बढ़ा दिया।
*समापन पर बांटे गए 10 बंपर पुरस्कार*
कार्यक्रम के समापन अवसर पर 10 बंपर पुरस्कारों का वितरण किया गया। पुरस्कारों को लेकर प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला। उपहार वितरण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच नवरंग डांडिया का समापन यादगार माहौल में हुआ।
*लखनऊ की एंकर कुसुम यादव ने बांधा समां*
कार्यक्रम को आकर्षक बनाने के लिए लखनऊ से एंकर कुसुम यादव को आमंत्रित किया गया था। उनके शानदार मंच संचालन और प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। संगीत, डांडिया, लकी ड्रॉ और पुरस्कार वितरण के बीच उपस्थित लोगों ने देर तक आयोजन का आनंद लिया।
*संस्कृति और सामाजिक एकता का दिया संदेश*
नवरंग डांडिया केवल मनोरंजन का माध्यम ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकता का प्रतीक भी बना। आयोजन के माध्यम से लोगों को एक मंच पर लाने और नवरात्रि के उल्लास को सामूहिक रूप से मनाने का अवसर मिला। युवा सेवा समिति चन्दौरीपारा एवं नव युवक दुर्गा पूजा समिति के इस आयोजन में लोगों की व्यापक भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।