अंतर्राज्जीय फॉरेस्ट बैरियर पर नीलगिरी लकड़ी से लदा ट्रक रोका, दस्तावेजों की जांच जारी।
वन विभाग कर रहा ट्रांजिट परमिट और परिवहन दस्तावेजों का सत्यापन, जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई।
बलरामपुर/वाड्रफनगर…
जिले की अंतर्राज्जीय सीमा स्थित फॉरेस्ट बैरियर पर वन विभाग ने नीलगिरी लकड़ी से लदे एक ट्रक को रोककर उसके दस्तावेजों की जांच शुरू की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश नंबर UP63T9996 ट्रक में लदी नीलगिरी लकड़ी सूरजपुर जिले से लाई जा रही थी और अंतर्राज्जीय सीमा पार कराई जा रही थी।
वन विभाग की टीम ने नियमित जांच के दौरान परिवहन संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया। विभाग यह जांच कर रहा है कि ट्रांजिट परमिट (टीपी), लकड़ी की मात्रा तथा अन्य आवश्यक अभिलेख नियमानुसार हैं या नहीं। फिलहाल जांच पूरी होने तक ट्रक को बैरियर पर रोका गया है।
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से जशपुर और सूरजपुर जिलों से नीलगिरी लकड़ी के परिवहन को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। कुछ स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कुछ मामलों में संदिग्ध ट्रांजिट परमिट के जरिए लकड़ी का परिवहन किए जाने की आशंका रहती है। हालांकि, इन दावों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यदि जांच में दस्तावेजों में अनियमितता, फर्जी ट्रांजिट परमिट अथवा वन अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं, तो वन विभाग नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगा। विभाग परिवहन से जुड़े सभी रिकॉर्ड और दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण कर रहा है।
इस संबंध में डिप्टी रेंजर रामवृक्ष राम ने बताया कि “नीलगिरी लकड़ी से लदे ट्रक को रात में रोका गया था। उसके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला केवल दस्तावेजी त्रुटि का है या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता से जुड़ा है।
नोट: समाचार में स्थानीय सूत्रों के हवाले से उल्लिखित सभी आशंकाओं एवं दावों की आधिकारिक पुष्टि वन विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।