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बलरामपुर बना एआई आधारित डेटा एनोटेशन सेंटर स्थापित करने वाला प्रदेश का पहला जिला।

जिला प्रशासन और प्रिज्मा एआई के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, महिलाओं और युवाओं को मिलेगा एआई प्रशिक्षण व रोजगार।

बलरामपुर

जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाओं और शिक्षित ग्रामीण युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित आजीविका से जोड़ने की दिशा में बलरामपुर ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिला प्रशासन बलरामपुर-रामानुजगंज और प्रिज्मा एआई के बीच कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर की स्थापना के लिए गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर बुधवार को कलेक्ट्रेट में हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही बलरामपुर डेटा लेबलिंग एवं एआई के लिए कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर स्थापित करने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है।

एमओयू के अवसर पर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी, प्रिज्मा एआई के सीईओ डॉ. श्रीराम अय्यर, सीओओ अमिताभ राय चौधरी, सीटीओ विनीत कुमार झा सहित स्व-सहायता समूह की सदस्य सपना एवं अनुजा उपस्थित रहीं।

*10 सीटों से शुरू होगा पायलट सेंटर*

पायलट चरण में बलरामपुर में 10 सीटों वाला संचालन केंद्र शुरू किया जाएगा। केंद्र में एक समर्पित प्रशिक्षक और गुणवत्ता पर्यवेक्षक की व्यवस्था रहेगी। चयनित प्रतिभागियों को एआई साक्षरता, डिजिटल कौशल, डेटा लेबलिंग, इमेज एवं ऑब्जेक्ट टैगिंग, वर्गीकरण, सत्यापन और गुणवत्ता समीक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद विशेषज्ञों की देखरेख में प्रतिभागियों को वास्तविक कार्य का अनुभव भी मिलेगा।

अभ्यर्थियों की पहचान, छंटनी और चयन के लिए संरचित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे स्थानीय युवाओं और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को एआई एवं डिजिटल क्षेत्र में काम करने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।

*स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर*

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि बलरामपुर का इस पहल में प्रदेश में अग्रणी होना जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि जिले में 12वीं उत्तीर्ण और स्नातक सदस्यों वाले बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह हैं, जिनके सदस्य स्मार्टफोन और कंप्यूटर के उपयोग में दक्ष हैं।

उन्होंने कहा कि यह केंद्र स्व-सहायता समूह की महिलाओं को पारंपरिक आजीविका के साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद करेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर नियमित आय और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। एआई के बढ़ते दायरे को देखते हुए यह प्रशिक्षण युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकता है।

*प्रिज्मा एआई उठाएगी प्रशिक्षण और संचालन का खर्च*

एमओयू के तहत कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर की तकनीक, संचालन, प्रशिक्षण, गुणवत्ता पर्यवेक्षण, प्रतिभागियों के पारिश्रमिक एवं प्रोत्साहन राशि तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी से संबंधित व्यय प्रिज्मा एआई द्वारा वहन किया जाएगा।

वहीं जिला प्रशासन परिसर एवं आवश्यक बुनियादी ढांचे की पहचान, हितग्राहियों के चयन, एनआरएलएम, कौशल विकास एवं शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय तथा केंद्र की सुरक्षा में सहयोग करेगा।

जिला प्रशासन के अनुसार, यह पहल स्थानीय मानव संसाधन को एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने के साथ-साथ स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और ग्रामीण युवाओं के लिए जिले के भीतर ही रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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