Skip to main content

BalrampurChhattisgarh

बारिश की हर बूंद ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने की बलरामपुर मॉडल की सराहना।

जल संरक्षण के क्षेत्र में बलरामपुर की पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान, 55 हजार से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं हुईं जियो-टैग

बलरामपुर…

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे नवाचार और व्यापक प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जिले की वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण एवं जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण पहल की सराहना करते हुए इसे देश के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया है।

जिले में ‘जल शक्ति अभियान : कैच द रेन 2025 (JSJB 3.0)’ के अंतर्गत अब तक 55 हजार से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का जियो-टैगिंग किया जा चुका है। इनमें गली प्लग, ब्रशवुड प्लग, लूज़ बोल्डर चेक, बोल्डर चेकडैम, चेकडैम, आजीविका डबरी, खेत डबरी, तालाबों का गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार, सोक पिट, रिचार्ज पिट, सामुदायिक कुएं तथा स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप विकसित कोरिया मॉडल जैसी संरचनाएं शामिल हैं।

इन जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल को अधिकतम स्तर पर संचित करने, भूजल स्तर में वृद्धि करने तथा जल स्रोतों को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता प्रशासन के साथ ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही है, जिससे यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री द्वारा बलरामपुर जिले के प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर साझा किया जाना जिले के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। इससे यह सिद्ध हुआ है कि सामुदायिक सहभागिता, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की जा सकती है।

जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा, “आज बचाई गई हर बूंद, कल का सुरक्षित भविष्य है। आइए, जल संरक्षण को अपनी आदत और बलरामपुर की पहचान बनाएं।”

उन्होंने कहा कि जिले का लक्ष्य केवल जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *