चिरायु योजना से 11 वर्षीय महंती को मिला नया जीवन, आग से झुलसा हाथ, चिरायु ने लौटाई जिंदगी की रफ्तार।
11 वर्षीय महंती की निःशुल्क सर्जरी, अब फिर से लिख-पढ़ और रोजमर्रा के काम कर रही बालिका।
बलरामपुर।
शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम डूमरपाठ की 11 वर्षीय महंती पहाड़ी कोरवा के जीवन में चिरायु योजना उम्मीद की नई किरण बनकर आई। कुछ वर्ष पहले आग से हाथ झुलस जाने के कारण उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हो गई थी। लिखने-पढ़ने से लेकर दैनिक कार्यों तक में उसे काफी परेशानी होती थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार बेटी का समुचित उपचार कराने में असमर्थ था।
माध्यमिक शाला पतराटोली में कक्षा छठवीं में अध्ययनरत महंती की समस्या स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम शंकरगढ़ ने नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान पहचानी। टीम ने समय पर उसकी स्थिति को चिन्हित कर विशेषज्ञ उपचार के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी तथा जिला आरबीएसके नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में महंती को रायपुर रेफर किया गया।
03 सितंबर 2026 को चिरायु योजना के अंतर्गत रायपुर में महंती की निःशुल्क सर्जरी की गई। सफल ऑपरेशन के बाद अब उसके हाथ की कार्यक्षमता में सुधार हुआ है। महंती स्वस्थ होकर अपने दैनिक कार्य आसानी से कर रही है और नियमित रूप से पढ़ाई भी जारी रखे हुए है। बेटी को दोबारा सामान्य जीवन जीते देखकर परिवार के चेहरे पर भी खुशी लौट आई है। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और चिरायु टीम के प्रति आभार जताया।
*दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना प्राथमिकता : सीएमएचओ*
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा कि दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों के प्रत्येक बच्चे तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। समय पर बीमारी की पहचान और उचित रेफरल के माध्यम से महंती को बेहतर उपचार मिल सका।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज न करें। चिरायु टीम द्वारा किए जाने वाले स्वास्थ्य परीक्षण में बच्चों की जांच अवश्य कराएं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों में विभिन्न बीमारियों एवं स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार, विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। महंती की कहानी इस योजना के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाओं की एक प्रेरक मिसाल है।