टीबी मुक्त बलरामपुर के लिए ‘जोश’ कार्यक्रम का शुभारंभ, 10 पंचायतों के सरपंच सम्मानित।
तीन साल में टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या 20 से बढ़कर 216 हुई, मरीजों को बांटी गईं पोषण सामग्री।
बलरामपुर।
जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ‘जोश’ (जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान टीबी मुक्त घोषित 10 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को प्रमाण पत्र और महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपचाररत टीबी मरीजों को पोषण सहायता के रूप में फूड बास्केट भी वितरित की गईं।

कार्यक्रम का राष्ट्रीय शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम से किया, जिसका सीधा प्रसारण बलरामपुर में उपस्थित लोगों ने देखा। स्वास्थ्य, युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा रक्षा मंत्रालय की संयुक्त पहल के तहत संचालित इस कार्यक्रम में अधिकारियों, माई भारत स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों के माध्यम से गांव-गांव तक टीबी की पहचान, जांच, उपचार और पोषण संबंधी जागरूकता पहुंचाई जाएगी।
*तीन साल में 216 पंचायतें हुईं टीबी मुक्त*
कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने टीबी मुक्त पंचायतों के सरपंचों को बधाई देते हुए कहा कि जिले में तीन वर्षों के दौरान टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या 20 से बढ़कर 216 हो गई है। यह पंचायतों, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब पूरे जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कलेक्टर ने कहा कि टीबी के संभावित मरीजों की समय पर पहचान, जांच, नियमित उपचार और पोषण सहायता सुनिश्चित करना आवश्यक है। टीबी का इलाज पूरी तरह संभव और निःशुल्क है। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच करानी चाहिए और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाओं का पूरा कोर्स लेना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, एनसीसी कैडेटों और मितानिनों से अभियान को जन आंदोलन का रूप देने की अपील की। इस दौरान उपस्थित लोगों को टीबी मुक्त बलरामपुर बनाने की शपथ भी दिलाई गई।
*पहली बार उपलब्धि हासिल करने वाली छह पंचायतें सम्मानित*
कार्यक्रम में 10 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के सरपंचों को सम्मानित किया गया। पहली बार टीबी मुक्त होने का दर्जा हासिल करने वाली ग्राम पंचायत चितविश्रामपुर, नवाडीह, तातापानी, ओबरी, पिण्डरा और अमडण्डा को कांस्य प्रतिमा प्रदान की गई। वहीं लगातार दूसरी बार टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा हासिल करने वाली सरंगपुर, डूमरखोला, झलरिया और कृष्णनगर पंचायतों को रजत प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया।
*928 मरीजों में हुई टीबी की पुष्टि*
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 16,021 संभावित टीबी मरीजों की जांच की गई। इनमें 928 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। इनमें से 845 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि शेष मरीजों का उपचार जारी है।
उन्होंने बताया कि जिले में टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों की संख्या वर्ष 2023 में 20, वर्ष 2024 में 147 और वर्ष 2025 में बढ़कर 216 हो गई। वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित 216 पंचायतों में 131 पंचायतों ने पहली बार, 76 ने दूसरी बार और 9 पंचायतों ने लगातार तीसरी बार यह उपलब्धि हासिल की। वर्ष 2026 में शंकरगढ़ विकासखंड को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने की दिशा में प्रक्रिया जारी है।
*टीबी के खिलाफ सामूहिक संकल्प*
कार्यक्रम में ‘वी कैन, वी विल’ के संदेश के साथ जिले को टीबी मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी संबल, श्रीमती सुषमा मिंज, श्री जय प्रकाश संबल और जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री स्मृति एक्का सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट और मितानिनें उपस्थित रहीं।