वन विभाग की त्वरित कार्रवाई, लकड़ी तस्करी में 5 आरोपी गिरफ्तार। 12 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी, 20 नग साल चिरान से लदी पिकअप जप्त।
बलरामपुर/वाड्रफनगर
वन संपदा की अवैध कटाई और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साल की चिरान लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से लकड़ी तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को वन विभाग की टीम को अवैध रूप से साल की चिरान लकड़ी का परिवहन किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर ग्राम बसंतपुर (डूभापारा) क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन क्रमांक UP64CT-7280 को पकड़ा गया। वाहन की जांच करने पर उसमें साल की चिरान लकड़ी के 20 नग, जिसकी मात्रा लगभग 2.145 घन मीटर थी, बरामद हुई। वन विभाग ने लकड़ी और वाहन को जब्त कर मामले में संलिप्त लोगों की तलाश शुरू कर दी।

*12 घंटे में 5 आरोपियों तक पहुंची टीम*
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने आरोपियों की पतासाजी के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की। विभागीय टीम ने लगातार प्रयास करते हुए महज 12 घंटे के भीतर कुल 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी के रूप में विष्णु गुप्ता, पिता स्व. दशरथ गुप्ता, निवासी ग्राम बनापती, पुलिस चौकी विजयनगर का नाम सामने आया है। इसके अलावा मामले में संलिप्त अन्य चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
वन विभाग द्वारा सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
*अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच*
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मामले में अभी विवेचना जारी है। प्रारंभिक कार्रवाई में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है, लेकिन जांच के दौरान अन्य लोगों के भी इस अवैध लकड़ी परिवहन और तस्करी में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। विभाग द्वारा वाहन, जब्त लकड़ी और आरोपियों के आपसी संबंधों सहित पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध लकड़ी के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा के अवैध कटाई, परिवहन और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।