ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार को सशक्त बनाने गांव-गांव पहुंच रहे जिला पंचायत सीईओ।
समूहों से चर्चा कर व्यवसाय विस्तार और बेहतर विपणन के दिए सुझाव।
बलरामपुर…
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों को सुदृढ़ एवं लाभकारी बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी लगातार ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने गुरुवार को जनपद पंचायत वाड्रफनगर के विभिन्न गांवों का दौरा कर स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया तथा व्यवसाय विस्तार और आय वृद्धि के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

भ्रमण के दौरान डॉ. चतुर्वेदी ने ग्राम अलका में संस्कार महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित तेल मिल का निरीक्षण किया। उन्होंने तेल उत्पादन की पूरी प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पादन क्षमता तथा आय-व्यय की जानकारी ली। साथ ही समूह द्वारा तैयार किए जा रहे तेल के बेहतर विपणन के लिए फॉरवर्ड लिंकेज विकसित करने, बाजार से जुड़ाव बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के सुझाव दिए।
इसके बाद उन्होंने ग्राम मानपुर में एकता महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती ललिता द्वारा समूह से प्राप्त ऋण के माध्यम से संचालित किराना दुकान का निरीक्षण किया। इस दौरान दैनिक बिक्री, स्टॉक प्रबंधन और वार्षिक आय की समीक्षा करते हुए व्यवसाय में उत्पादों की विविधता बढ़ाने, दुकान का जीर्णोद्धार करने तथा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव दिए।
जिला पंचायत सीईओ डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को स्थानीय बाजार तक सीमित न रखकर व्यापक बाजार और आधुनिक व्यावसायिक नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि समूहों की आय में वृद्धि हो और ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ बन सके।